वाराणसी। गोलघर स्थित पराडकर स्मृति भवन के सभागार में भारतीय सबका दल एवं भारत बचाओ मोर्चा के तत्वावधान में भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती एवं महान संत नरहरी दास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
अधिवेशन को संबोधित करते हुए भारतीय सबका दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईश्वर दयाल सिंह सेठ ने पूर्वांचल राज्य गठन की पुरजोर मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल का समुचित और संतुलित विकास तभी संभव है जब इसे अलग राज्य का दर्जा मिले। साथ ही उन्होंने प्रस्ताव रखा कि पूर्वांचल राज्य की राजधानी वाराणसी, प्रयागराज अथवा गोरखपुर में से किसी एक को बनाया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सामाजिक एवं आर्थिक सुधारों पर जोर देते हुए कहा कि देश के प्रत्येक मतदाता को ₹2000 प्रतिमाह वोटर पेंशन भत्ता दिया जाना चाहिए, जिससे रामराज्य की अवधारणा को साकार किया जा सके। इसके अतिरिक्त भगवान विश्वकर्मा के वंशजों एवं शिल्पकार समाज के उत्थान के लिए विश्वकर्मा पंचशिल्पी आयोग के गठन की मांग की गई।

उन्होंने काशी को संतों की भूमि बताते हुए कहा कि बाबा काशी विश्वनाथ की नगरी में महान संत नरहरी दास जी की भव्य मूर्ति एवं प्रवेश द्वार (गेट) की स्थापना की जानी चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान से प्रेरणा मिले।
कार्यक्रम के दौरान स्वर्णकार समाज के सम्मानित नागरिकों एवं महिलाओं को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अधिवेशन में सर्वसम्मति से ईश्वर दयाल सिंह सेठ को पुनः भारतीय सबका दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण रवि सराफ ने दिया, संचालन कैलाश सिंह विकास ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन राम प्रकाश सिंह द्वारा किया गया।
इस अवसर पर नंदा सिंह चौहान, एल. सोनकर, इंजीनियर सुशील कुमार रत्नाकर, अजय कुमार विश्वकर्मा, चंद्रपाल सिंह वाल्मीकि, मिठाई लाल प्रजापति, अजय वर्मा, आर.एन. मानव, के.के. यादव, सरिता सराफ, दयाशंकर सेठ, विष्णु दयाल सेठ, कमल कुमार सिंह, राजू वर्मा, सागर दास महाराज, उमाशंकर सिंह, ध्रुव सराफ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।









