वाराणसी। संसद में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने इसे शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान, महिला सशक्तिकरण एवं नवाचार को केंद्र में रखकर तैयार किया गया एक दूरदर्शी, युगानुकूल एवं राष्ट्र-निर्माण उन्मुख नीति-दस्तावेज बताया।
कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि यह बजट स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि सरकार शिक्षा को व्यय नहीं, बल्कि ज्ञान-आधारित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण हेतु दीर्घकालिक निवेश के रूप में देख रही है। बजट के प्रावधान समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और रोजगार-सृजन की ठोस आधारशिला रखते हैं।
कुलपति ने विशेष रूप से देश के प्रत्येक जिले में ‘गर्ल्स हॉस्टल’ की घोषणा को महिला शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और व्यवहारिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों के सहयोग से VGF मॉडल पर बनने वाले ये छात्रावास ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित) जैसे क्षेत्रों में छात्राओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता को ठोस आधार प्राप्त होगा। यह पहल ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ’ अभियान को संस्थागत मजबूती प्रदान करती है।
प्रो. शर्मा ने कहा कि बजट में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों (AIIAs) की स्थापना भारतीय ज्ञान परम्परा, विशेषकर आयुर्वेद, को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आयुष आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक विस्तार मिलेगा।
इसी क्रम में तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPERs) की स्थापना तथा सात मौजूदा संस्थानों के उन्नयन से फार्मास्युटिकल शिक्षा एवं शोध को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुदृढ़ किया जाएगा।
कुलपति ने कहा कि पशु चिकित्सा क्षेत्र में 20,000 प्रोफेशनल्स तैयार करने के उद्देश्य से नए कॉलेजों एवं अस्पतालों के लिए ऋण सब्सिडी का प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि एवं पशुपालन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। यह नीति स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार—तीनों क्षेत्रों को एक साथ मजबूती देती है।
प्रो. शर्मा ने कहा कि एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (ABGC) जैसे उभरते क्षेत्रों में 500 कॉलेजों एवं 15,000 स्कूलों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ की स्थापना युवाओं को डिजिटल, रचनात्मक और वैश्विक रोजगार बाजार के लिए तैयार करेगी।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT), मुंबई द्वारा तकनीकी सहयोग तथा पूर्वी भारत में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) की स्थापना यह दर्शाती है कि सरकार शिक्षा को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है।
अंत में कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और नवाचार को एक समग्र दृष्टि में समाहित करता है और भारत को आत्मनिर्भर, समावेशी एवं वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
उन्होंने इस दूरदर्शी बजट के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी तथा माननीया वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।









