वाराणसी। 75वें अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानन्दाचार्य स्वामी रामनरेशाचार्य जी महाराज की पावन जन्म जयंती के अवसर पर श्रीमठ, पंचगंगा घाट में भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सहभागिता कर संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर अजय राय ने कहा कि काशी भारत की उस महान संत परंपरा की जीवंत साक्षी है, जिसने समाज को भक्ति, ज्ञान और समरसता का मार्ग दिखाया। जगद्गुरु रामानन्दाचार्य परंपरा का प्रभाव केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के स्तर पर भी व्यापक रहा है। इसी परंपरा के महान शिष्य कबीर दास ने निर्भीक होकर समाज में फैली कुरीतियों, पाखंड और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाई तथा मानवता, प्रेम और समानता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वामी रामनरेशाचार्य जी महाराज का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है। उनके विचार आज के समय में समाज को नैतिक मूल्यों, सद्भाव और आपसी भाईचारे की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। संतों ने सदैव सत्ता नहीं, बल्कि समाज की चेतना को दिशा दी है। आज जब समाज को बांटने की कोशिशें हो रही हैं, तब संत परंपरा का संदेश—सत्य, सेवा और संस्कार—और अधिक प्रासंगिक हो गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत की उसी परंपरा में विश्वास करती है जो सभी को साथ लेकर चलने, कमजोर वर्गों की आवाज बनने और सामाजिक न्याय को सुदृढ़ करने का कार्य करती है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने महाराज जी का आशीर्वाद लेकर सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि प्रसाद केवल आहार नहीं, बल्कि समरसता, सहभागिता और समान भाव का प्रतीक है, जो समाज को जोड़ने की शक्ति देता है।









