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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान का मुद्दा: कांग्रेस ने गौ पूजन कर सरकार पर साधा निशाना — ‘सनातन आस्था और संत समाज के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’ : अजय राय

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वाराणसी। गौ माता की रक्षा और सनातन परंपराओं के संरक्षण को लेकर कांग्रेस पार्टी ने  पौराणिक ईश्वरगंगी कुंड स्थित गौशाला में विधिवत गौ पूजन कर गौ-रक्षा का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के समर्थन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्वयं गौ पूजा कर स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी गौ माता, संत समाज, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा संरक्षित धरोहरों और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है।

गौ पूजन के उपरांत प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जैसे महान सनातन धर्मगुरु का अपमान और सनातन आस्था पर चोट यह सिद्ध करता है कि मोदी–योगी सरकार की नीतियां सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि जिन संतों ने जीवनभर समाज को ज्ञान, संस्कार और धर्म का मार्ग दिखाया, आज उनसे यह साबित करने को कहा जा रहा है कि वे शंकराचार्य हैं—यह पूरे सनातन समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक और शर्मनाक है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संतों को अपने सम्मान और अस्तित्व की रक्षा के लिए अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो सत्ता की संवेदनशीलता और सनातन परंपराओं के प्रति उसकी वास्तविक सोच पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बटुकों की शिखा नोचना और बुजुर्ग संतों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं योगी सरकार के कार्यकाल में हुईं, जो घोर निंदनीय हैं।

अजय राय ने सरकार की कथनी और करनी में विरोधाभास का उल्लेख करते हुए कहा कि जो सरकार स्वयं को गौ-रक्षा और सनातन की रक्षक बताती है, उसी शासन में उत्तर प्रदेश का नाम गौ-मांस निर्यात में सबसे आगे बताया जा रहा है। यह स्थिति सरकार के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।

उन्होंने काशी के पवित्र मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मणिकर्णिका घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि विश्वभर में सनातन धर्म की आस्था का केंद्र और मोक्ष का द्वार माना जाने वाला तीर्थ स्थल है। सौंदर्यीकरण के नाम पर इसकी मूल आत्मा को नुकसान पहुंचाया गया है, जो काशी की धार्मिक विरासत के साथ अन्याय है।

प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते हुए कहा कि यदि मूर्ति से जुड़ा वीडियो एआई-जनरेटेड बताया जा रहा है, तो उसके ठोस और प्रमाणिक साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि संबंधित मूर्ति वर्तमान में कहां रखी गई है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार के मंत्री और अधिकारी स्वयं मूर्ति टूटने की बात स्वीकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उसी प्रकरण को एआई वीडियो बताना गंभीर विरोधाभास है, जो सरकार की नीयत और मंशा पर सवाल खड़े करता है।

अजय राय ने दो टूक कहा कि कांग्रेस पार्टी शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। संतों का अपमान, गौ माता की उपेक्षा, मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र तीर्थ स्थल की आत्मा से छेड़छाड़ और प्रदेश को गौ-मांस निर्यात में आगे बताया जाना—ये सभी बातें सरकार के सनातन विरोधी चेहरे को उजागर करती हैं। सनातन आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।

इस आयोजन में महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, सतनाम सिंह, मनीष मोरोलिया, चंचल शर्मा, विजय देवल, हसन मेहदी कब्बन, नरसिंह दास वर्मा, मनोज वर्मा ‘मनु’, अब्दुल हमीद डोडे, धीरज सोनकर, किशन यादव, आनंद चौबे, अनिल पटेल, कृष्णा गौड़, रामजी गुप्ता, अश्वनी यादव, विकास पाण्डेय, शिव नारायण सिंह, प्रमोद यादव, पप्पू यादव, अनिल सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

 

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