वाराणसी। बनारस के चिर परिचित नगर में हाल ही में लोगों को सताने वाला आदमखोर बंदर अब इतिहास बन गया है। वाराणसी कोतवाली थाना क्षेत्र के मैदागिन चौराहे एवं आस-पास के इलाकों में आतंक मचा रहे इस उग्र बंदर ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी थी। विशेषकर महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाकर काटने की घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल उत्पन्न कर दिया था। बंदर के इस आक्रामक व्यवहार के पीछे उसकी किसी बीमारी से ग्रसित होने की आशंका भी जताई जा रही थी।स्थानीय लोगों की लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। कोतवाली पुलिस ने नगर निगम और वन विभाग को सूचित किया, जिसके बाद एक संयुक्त टीम तेजी से मौके पर पहुंची। नगर निगम की टीम, वन विभाग के अधिकारी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मिलकर इस बंदर को पकड़ने के लिए प्रभावशाली अभियान चलाया। स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी से बंदर को घेर कर नियंत्रण में लिया गया।इस भयावह प्राणी को पकड़कर नगर निगम की टीम ने उसके इलाज और सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दी है। प्रशासन की इस तत्परता और स्थानीय लोगों की एकजुटता से इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली है। वाराणसी की यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जब जनता और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं, तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है।बनारस की इस ऐतिहासिक धरती पर अब एक बार फिर से शांति और सुरक्षा का माहौल कायम हो गया है। यह घटना न केवल एक चेतावनी है बल्कि नगर निगम और वन विभाग की तत्पर कृियाओं की सजीव मिसाल भी है।









