वाराणसी। अयोध्या में धर्मध्वजा स्थापना से कलयुग में सतयुग का आगमन….भाजपा के वरिष्ठ नेता, जिला कार्य समिति के सदस्य तथा शक्ति केंद्र संयोजक विनोद कुमार सिंह ने इंडिया न्यूज बुलेटिन 24×7 से विशेष बातचीत में कहा कि अयोध्या में रामलला दरबार में धर्मध्वजा का स्थापित होना केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों बाद पहली बार देश ने वह दिव्य क्षण देखा जब करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र भगवान श्रीराम के चरणों में धर्मध्वजा पुनः लहराई। उन्होंने कहा कि यह केवल अयोध्या धाम का उत्सव नहीं है, बल्कि पूरे देश और सनातन समाज की सामूहिक भावनाओं का उत्थान है। “आज जब रामलला के दरबार में धर्मध्वजा लगी, ऐसा प्रतीत होता है मानो कलयुग में सतयुग का शुभारंभ हो गया हो। यह क्षण देश के लिए, समाज के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक बन गया है,” उन्होंने भावुकता से कहा।सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्र का सौभाग्य है कि ऐसे दिव्य और भव्य आयोजन की शोभा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के कर-कमलों से और अधिक आलोकित हो उठी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परंपराओं के संरक्षण और संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के प्रयासों को उन्होंने “अद्वितीय और प्रेरणादायी” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में रामलला प्रांगण से उठ रही आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को नई दिशा देगी। धर्मध्वजा की स्थापना केवल धार्मिक विश्वास का संदेश नहीं देती बल्कि राष्ट्र के संकल्प, संस्कृति और सद्भाव का भी प्रतीक है। विनोद कुमार सिंह ने कहा कि यह आयोजन भारत की समृद्ध विरासत, सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का सजीव स्वरूप है। “यह हर उस भारतीय के लिए गर्व का क्षण है, जिसने राम मंदिर निर्माण के सपने को सदियों से संजोकर रखा था। अब वह सपना केवल पूरा नहीं हुआ, बल्कि दुनिया को सनातन शक्ति का संदेश भी दे रहा है,”।









