वाराणसी। पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र धीरे-धीरे बिहार, झारखंड होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ पश्चिमी-पूर्वी द्रोणिका और आकाशीय चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी और आसपास के इलाकों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के संकेत हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 25 और 26 सितंबर को आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, 23 सितंबर से मौसम में बदलाव शुरू हो सकता है और 24 से 26 सितंबर के बीच इसका प्रभाव अधिक दिखाई देने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इससे पहले 21 और 22 सितंबर को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। इन दो दिनों में आसमान साफ रहने के साथ तीखी धूप निकल सकती है, जिससे उमस बढ़ने की संभावना है। रविवार को वाराणसी में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लगातार बारिश के बाद मिले दो दिनों के ब्रेक से सब्जी किसानों ने राहत की सांस ली है। पिछले सप्ताह लगभग हर दिन हुई मध्यम से तेज बारिश से धान के खेतों को पर्याप्त पानी मिल गया है, लेकिन अरहर, मूंग समेत अन्य दलहनी फसलों और सब्जियों पर लगातार बारिश का प्रतिकूल असर पड़ने लगा था। ऐसे में फिलहाल बारिश थमने से किसानों को कुछ राहत मिली है। हालांकि 25-26 सितंबर को संभावित तेज बारिश और हवा से फसलों को फिर नुकसान की चिंता बढ़ गई है।
मानसून की विदाई के पूर्वानुमानों के बीच बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण मौसम में संभावित यह बदलाव खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले कुछ दिनों में निम्न दबाव क्षेत्र की दिशा और सक्रियता के आधार पर बारिश की स्थिति में और बदलाव हो सकता है।










