वाराणसी, 18 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के पूर्व सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश की गई। विश्वविद्यालय परिवार की ओर से मुख्य भवन प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में 50 से अधिक क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। यह आयोजन कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव राकेश कुमार ने क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की। उन्होंने कहा कि सेवा, संवेदना और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से स्वस्थ एवं समर्थ भारत के संकल्प को मजबूत किया जा सकता है। भारतीय संस्कृति में सेवा को मानवता का सर्वोच्च धर्म बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी पीड़ित व्यक्ति के जीवन में पोषण, विश्वास और आत्मीयता का संचार करना केवल सहायता नहीं, बल्कि लोकमंगल की सच्ची साधना है।
कुलसचिव ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सक्रिय सहभागिता निभाए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने, रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने तथा उनके पोषण एवं स्वास्थ्य में यथासंभव सहयोग करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय केवल ज्ञान और संस्कार का केंद्र नहीं, बल्कि ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भारतीय भावना को व्यवहार में उतारने वाला संस्थान भी है। समाज के प्रत्येक वर्ग तक ज्ञान, संस्कार और सेवा की भावना पहुंचाना विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. विधु द्विवेदी ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पोषण पोटली वितरण का उद्देश्य क्षय रोगियों के स्वास्थ्य एवं पोषण में सहयोग देने के साथ समाज में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि पोषण सहयोग से रोगियों के स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया को मजबूती मिलती है और उनके प्रति समाज में संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता करते हुए क्षय रोगियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इस अवसर पर कुलसचिव राकेश कुमार, प्रो. हीरक कान्ति चक्रवर्ती, डॉ. रविशंकर पाण्डेय, डॉ. रानी द्विवेदी, जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र, डॉ. कंचन मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










