वाराणसी, 12 अगस्त। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, स्वतंत्रता, राष्ट्रीय गौरव और सम्प्रभुता का प्रतीक है। प्रत्येक नागरिक अपने घर, संस्थान, भवन एवं देवालयों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान, प्रेम और समर्पण की भावना को मजबूत करे।
कुलपति ने कहा कि स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूर्ण होने और 80वें स्वतंत्रता वर्ष में प्रवेश के अवसर पर स्वतंत्रता दिवस को पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार, संस्कृत समाज तथा काशी के नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
प्रो. शर्मा ने कहा कि बच्चों और युवा पीढ़ी को तिरंगे के महत्व तथा स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों से परिचित कराना आवश्यक है। इससे उनमें राष्ट्रप्रेम के साथ त्याग, समर्पण, श्रद्धा और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही देश के भविष्य हैं, इसलिए उनमें राष्ट्रभाव और राष्ट्रीय गौरव की मजबूत नींव डालना हम सभी का दायित्व है।

कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में बुधवार को अपराह्न एक बजे ऐतिहासिक मुख्य भवन से ‘हर घर तिरंगा’ यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा लेकर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य लहुराबीर चौराहे पहुंचे, जहां महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो गया। यात्रा पुनः विश्वविद्यालय परिसर स्थित मुख्य भवन के समक्ष पहुंचकर सम्पन्न हुई।
विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह 15 अगस्त को पूर्वाह्न 9 बजे ऐतिहासिक मुख्य भवन के समक्ष आयोजित किया जाएगा। संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच होने वाले समारोह में विश्वविद्यालय परिवार के साथ काशी के नागरिकों को भी शामिल होने का आह्वान किया गया है। इस अवसर पर परिसर स्थित मां वाग्देवी एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्रभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा।
तिरंगा यात्रा में प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. हीरक कान्ति चक्रवर्ती, प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. शैलेष कुमार मिश्र, प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. विजय कुमार पाण्डेय, डॉ. रविशंकर पाण्डेय, डॉ. विजय कुमार शर्मा, डॉ. सत्येन्द्र कुमार यादव, डॉ. कुंजबिहारी द्विवेदी, डॉ. दुर्गेश पाठक, डॉ. ज्ञानेन्द्र सापकोटा, डॉ. दिव्यचेतन ब्रह्मचारी, डॉ. विजेन्द्र कुमार आर्य, डॉ. कुप्पाश्री गुरू बिल्वेश, डॉ. नितिन आर्य सहित शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।










