वाराणसी, 1 अगस्त। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शनिवार को कर्मचारी संघ के तत्वावधान में मुख्य भवन स्थित सभागार में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान में गरिमापूर्ण विदाई एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित करते हुए उनके दीर्घकालीन योगदान की सराहना की और विश्वविद्यालय की प्रगति में उनकी भूमिका को अविस्मरणीय बताया।
विश्वविद्यालय परिवार की ओर से अधीक्षक श्री उपेन्द्र नाथ द्विवेदी, अधीक्षक श्री अमरनाथ यादव, फार्मासिस्ट श्री वाचस्पति त्रिपाठी, कॉपी होल्डर श्री अतुल भाटिया तथा परिचारक श्री बृजलाल को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें भावभीनी विदाई दी।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की वास्तविक शक्ति उसके कर्मनिष्ठ और समर्पित कर्मचारी होते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों तक अनुशासन, ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने वाले कर्मचारी संस्थान की अमूल्य धरोहर हैं। सेवानिवृत्ति सेवा का समापन अवश्य है, लेकिन उनके अनुभव, कार्यसंस्कृति और जीवन-मूल्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा बने रहेंगे। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वस्थ, सक्रिय, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

समारोह में उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी सेवानिवृत्त साथियों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण आत्मीयता, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव से परिपूर्ण रहा, जिसने विश्वविद्यालय की पारिवारिक संस्कृति तथा कर्मयोगियों के प्रति सम्मान की समृद्ध परंपरा को एक बार फिर रेखांकित किया।
इस अवसर पर प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. राजनाथ, प्रो. अमित कुमार शुक्ल सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।










