वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और एकरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। गुरुवार को कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी की अध्यक्षता में आयोजित प्रवेश समिति की बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालयों के अभ्यर्थियों के सीजीपीए को प्रतिशत में परिवर्तित करने के लिए मानक नियम निर्धारित किए गए। साथ ही स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के बाद कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने बताया कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों की मूल्यांकन प्रणाली में भिन्नता के कारण वरीयता सूची तैयार करने में कठिनाई आती थी। इसे देखते हुए सभी अभ्यर्थियों के लिए समान और पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है, जिससे मेरिट सूची तैयार करने में एकरूपता बनी रहेगी।
निर्धारित नियम के अनुसार, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अभ्यर्थियों का प्रतिशत सीजीपीए को 10 से गुणा कर उसमें से 4.5 घटाने के बाद प्राप्त होगा। वहीं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ तथा जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया के अभ्यर्थियों का प्रतिशत सीजीपीए को 9.5 से गुणा कर निकाला जाएगा। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के अन्य केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों के अभ्यर्थियों के लिए सीजीपीए को 10 से गुणा कर प्राप्त प्रतिशत को ही वरीयता प्रतिशत माना जाएगा।
बैठक में कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, प्रवेश समन्वयक प्रो. बंशीधर पाण्डेय सहित प्रवेश समिति के सदस्य उपस्थित रहे। नए नियमों के लागू होने से स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समान और विवादरहित होने की उम्मीद जताई जा रही है।











