वाराणसी। श्रावण मास के पावन अवसर पर काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का गुरुवार को भव्य हिम एवं हरियाली श्रृंगार किया गया। बर्फ, हरियाली, पुष्पों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सुसज्जित बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर में लग गईं।
धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत प्रातः 3 बजे मंगला आरती से हुई। इसके बाद 11 वैदिक ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा का पंचामृत अभिषेक कराया। विशेष श्रृंगार के अंतर्गत बर्फ की सिल्ली से हिम श्रृंगार किया गया तथा बाबा को स्वर्ण मुखौटा, रजत छत्र एवं अष्टधातु के आभूषणों से अलंकृत कर दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया।
मंदिर के मुख्य द्वार और परिसर को अशोक व कामिनी की पत्तियों, रंग-बिरंगे फूलों तथा आकर्षक विद्युत झालरों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।

दिनभर श्रद्धालुओं ने बाबा कालभैरव के दर्शन-पूजन कर सुख, समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। देर रात तक धार्मिक अनुष्ठान जारी रहे। रात्रि 12 बजे मंदिर के सेवक पवन उपाध्याय ने महाआरती संपन्न कराई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।










