वाराणसी। शिव सेवा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को महमूरगंज स्थित बालाजी पैलेस में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य पोथी यात्रा के साथ श्रद्धा और उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ। श्रृंगेरी मठ, महमूरगंज से निकली शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु बैंड-बाजों की मधुर धुन पर भगवान शिव के जयघोष करते हुए कथा स्थल तक पहुंचे। धार्मिक आस्था और भक्ति से ओतप्रोत इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया।
कथा का शुभारंभ करते हुए प्रख्यात कथा मर्मज्ञ पं. श्रीकांत शर्मा ‘बालव्यास’ ने कहा कि शिव महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, सदाचार और मोक्ष के मार्ग पर ले जाने वाली दिव्य ज्ञानधारा है। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण की महिमा गंगा के समान अविरल है, जो युगों-युगों तक मानवता का कल्याण करती रहेगी। यदि व्यक्ति ईश्वर से सीधा संबंध स्थापित करना चाहता है तो शिव महापुराण का श्रवण उसके लिए सर्वोत्तम साधन है।
उन्होंने काशी की आध्यात्मिक महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वह पुण्यभूमि है, जहां सनातन धर्म की महान विभूतियां भी कथा श्रवण और धर्म प्रचार की कामना करती हैं। उन्होंने कहा कि आज भौतिक समृद्धि के साथ यदि विवेक और सद्बुद्धि भी बनी रहे, तभी जीवन सार्थक होता है। सच्चा भक्त वही है जो संपन्नता मिलने पर भी धर्म, विनम्रता और सदाचार का मार्ग न छोड़े।

आयोजकों के अनुसार सात दिवसीय आयोजन के दौरान 251 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा शिव महापुराण का मूल पाठ एवं वैदिक अनुष्ठान निरंतर संपन्न होंगे। समापन दिवस 7 अगस्त को श्रद्धालुओं की सहभागिता से भव्य रुद्राभिषेक आयोजित किया जाएगा। कथा में कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई सहित देश के विभिन्न राज्यों से साधु-संत, महात्मा एवं शिवभक्तों के साथ हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
पोथी यात्रा के दौरान कथाव्यास पं. श्रीकांत शर्मा ‘बालव्यास’, मुख्य यजमान संजय सिद्धांत लोहिया, राजकुमार गोयल एवं उनके परिवार सहित अन्य श्रद्धालुओं ने शिव महापुराण की पोथी को सिर पर धारण कर श्रद्धापूर्वक यात्रा में सहभागिता की। संस्था की ओर से 201 यजमान दंपतियों ने विधि-विधान से पोथी पूजन किया।
इस अवसर पर संजय सिद्धांत लोहिया, अवधेश खेमका, गोपाल अग्रवाल, सुरेश तुलस्यान, मनीष गिनोडिया, सुमित अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।










