वाराणसी। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर चौबेपुर क्षेत्र के गौरडीह स्थित राधा-कृष्ण वृद्धाश्रम सेवा समिति द्वारा आश्रम परिसर में अखंड भजन-कीर्तन एवं विशाल भंडारे का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु पूजन किया तथा प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया।
आश्रम के प्रबंधक बेचू प्रसाद यादव ने बताया कि प्रातःकाल गुरु पूजन के साथ अखंड भजन-कीर्तन का शुभारंभ हुआ, जबकि सायंकाल आयोजित विशाल भंडारे में आसपास के गांवों के साथ विभिन्न जिलों एवं राज्यों से जुड़े श्रद्धालु और भक्त बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद समाज के निराश्रित एवं बुजुर्गों की सेवा को उन्होंने अपना जीवन उद्देश्य बनाया। उनका मानना है कि वृद्धजनों की सेवा ही सच्ची समाज सेवा है।
आश्रम के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ‘राजू’ ने कहा कि आधुनिक समाज में बढ़ती पारिवारिक उपेक्षा के कारण अनेक बुजुर्ग असहाय जीवन जीने को विवश हैं। इसी पीड़ा को देखते हुए राधा-कृष्ण वृद्धाश्रम की स्थापना की गई, ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों को सम्मानजनक आश्रय और सहारा मिल सके। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि आश्रम के निर्माण एवं संचालन में तन, मन और धन से सहयोग देकर इस सेवा अभियान का हिस्सा बनें।

कार्यक्रम में आश्रम की महामंत्री अरविंद यादव, उपाध्यक्ष रेशमी यादव, कोषाध्यक्ष रीमा यादव, सलाहकार रिंकू यादव (अधिवक्ता), ग्राम प्रधान योगेंद्र यादव, हरिहर दूबे, कैप्टन अरविंद यादव, कैप्टन हिमांशु शेखर, सूबेदार मेजर अमरनाथ गिरी, लेफ्टिनेंट हरीश चौबे, सूबेदार बाबूलाल यादव, सूबेदार धनंजय यादव, गोपाल राजभर, ओमकार यादव, परमानंद यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










