वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को लंका स्थित बीएचयू सिंह द्वार पर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव योगेन्द्र आर्य ने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रही है और आगे भी अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद करती रहेगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सत्यप्रकाश सोनकर ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाने के लिए गिरफ्तारी का सहारा लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और असहमति दोनों का सम्मान होना चाहिए। जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी।

सचिन यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता अन्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर होने वाले किसी भी आघात के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा और जनता के अधिकारों की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।
गोलू यादव ने कहा कि समाजवादी विचारधारा संघर्ष और जनसेवा की विचारधारा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को दबाव में लाने का हर प्रयास विफल होगा और समाजवादी पार्टी जनता के बीच रहकर उनकी आवाज उठाती रहेगी।
पूर्व पार्षद संजय यादव ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती विपक्ष की सशक्त भूमिका से होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी जननेता की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है और समाजवादी पार्टी इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।
पूर्व पार्षद वरुण सिंह ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जनता के हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहेंगे।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए और कहा, “जो हौसलों को कर ले कैद, कभी वो हिरासत कहाँ बनी।” वक्ताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी अन्याय, दमन और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के खिलाफ अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगी।
प्रदर्शन में योगेन्द्र आर्य (राष्ट्रीय सचिव, बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी), सत्यप्रकाश सोनकर (राष्ट्रीय महासचिव, समाजवादी पार्टी), सचिन यादव, गोलू यादव, पूर्व पार्षद संजय यादव तथा पूर्व पार्षद वरुण सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










