वाराणसी, 20 जुलाई। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षान्त समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सोमवार को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन एवं शताब्दी भवन अतिथि गृह का व्यापक निरीक्षण कर समारोह से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं, ताकि समारोह विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप भव्य और गरिमामय बन सके।
विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षान्त समारोह 29 जुलाई को प्रातः 9 बजे ऐतिहासिक मुख्य भवन में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. आशुतोष शर्मा उपस्थित रहेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
निरीक्षण के दौरान कुलपति ने पंडाल, मुख्य मंच, बैठक व्यवस्था, विद्युत एवं ध्वनि प्रणाली, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, अतिथि सत्कार, मीडिया प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं का बिंदुवार निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन तैयारियों की लगातार निगरानी कर रहा है और सभी विभागों के समन्वित प्रयास से यह दीक्षान्त समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा।

कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि समारोह में स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी, जबकि विभिन्न संकायों के मेधावी छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति के करकमलों से स्वर्ण पदक एवं अन्य पदकों से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अवसर विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि दीक्षान्त समारोह से पूर्व आयोजित ‘दीक्षोत्सव’ के अंतर्गत शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत की समृद्ध विरासत और उच्च शिक्षा की उत्कृष्ट परंपराओं के अनुरूप इस समारोह को यादगार बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के दौरान कुलानुशासक प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा, अभियंता रामविजय सिंह सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










