वाराणसी। श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने शनिवार को कांवड़ यात्रा मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान निर्णय लिया गया कि कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम शिविर स्थापित किए जाएंगे, जहां चिकित्सा सुविधाओं के साथ विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से भंडारे की व्यवस्था भी रहेगी। प्रयागराज से मंडुवाडीह तक कांवड़ियों के लिए एक लेन पूरी तरह आरक्षित रहेगी, जिस पर अन्य वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा निर्बाध और सुरक्षित बनी रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पूरे कांवड़ मार्ग पर प्रत्येक चार किलोमीटर पर अस्थायी पुलिस चौकियां तथा प्रत्येक तीन किलोमीटर पर पीआरवी टीमें तैनात की जाएंगी। किसी भी आकस्मिक स्थिति से त्वरित निपटने के लिए 10 क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) भी सक्रिय रहेंगी। संपूर्ण यात्रा मार्ग को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा, जिससे भीड़ प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नजर रखी जा सके।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख जलाशयों की सफाई एवं जीर्णोद्धार कराया जाएगा। स्नान और विश्राम स्थलों के समीप स्थित जलाशयों पर बैरिकेडिंग कर दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जाएगा। वहीं जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में जिग-जैग बैरिकेडिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, महिला पुलिस बल सहित सभी आवश्यक सुरक्षा एवं सुविधा संबंधी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
संयुक्त निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरी मीणा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि श्रावण मास प्रारंभ होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके।








