वाराणसी। कमिश्नरेट वाराणसी में वीवीआईपी एवं वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, आधुनिक तथा पेशेवर बनाने की दिशा में आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने प्रशिक्षण प्राप्त पुलिसकर्मियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, सतर्कता और उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप कार्य करने का संदेश देते हुए कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में तकनीकी दक्षता, त्वरित निर्णय क्षमता और व्यवहारिक कौशल अत्यंत आवश्यक हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 122 पुलिसकर्मियों (उपनिरीक्षक एवं आरक्षी) को वीवीआईपी सुरक्षा से जुड़े आधुनिक पहलुओं का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें वीआईपी सुरक्षा के सिद्धांत, पीएसओ की भूमिका, थ्रेट प्रोटेक्शन, एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग (एएसएल), एक्सेस कंट्रोल, चेकिंग एवं फ्रिस्किंग, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रणाली, वीआईपी फ्लीट प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, बॉडी लैंग्वेज, आतंकवाद एवं नक्सलवाद से जुड़ी चुनौतियां, प्राथमिक उपचार तथा जनसभा एवं रोड शो की सुरक्षा व्यवस्था जैसे विषय शामिल रहे।
प्रशिक्षण की विशेष उपलब्धि पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय कॉग्निटिवली बेस्ड कम्पैशन ट्रेनिंग (CBCT) रही। इसके तहत पुलिसकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, आत्म-जागरूकता, सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सकारात्मक निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य पुलिस बल को मानसिक रूप से अधिक सुदृढ़, संवेदनशील और जनोन्मुखी बनाना रहा।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त सभी 122 पुलिसकर्मियों को आगामी वीवीआईपी एवं वीआईपी कार्यक्रमों, दौरों और संवेदनशील आयोजनों में सादे वस्त्रों में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। वहीं 30 महिला उपनिरीक्षकों को विशेष रूप से ब्लेजर ड्यूटी के लिए चिन्हित किया गया है, जो विभिन्न महत्वपूर्ण आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगी।
समापन समारोह में पुलिस आयुक्त ने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, व्यवहारिक दक्षता और मानवीय संवेदनाओं से लैस कर उत्कृष्ट सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके।










