वाराणसी। स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के तत्वावधान में रविवार को चौक स्थित अग्रवाल भवन में आयोजित परिचर्चा में आगामी सितंबर माह में प्रस्तावित ‘सोनार महासमागम-2’ को ऐतिहासिक एवं प्रभावी बनाने की रणनीति पर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में प्रयागराज, चंदौली, आजमगढ़, बलिया, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, सोनभद्र, शाहजहांपुर, कानपुर समेत 20 जिलों से आए स्वर्णकार समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान समाज की राजनीतिक भागीदारी, सामाजिक अधिकारों, संगठनात्मक एकजुटता तथा स्वाभिमान यात्रा की रूपरेखा पर विचार-विमर्श हुआ।
स्वर्णकार भारती सेवा संस्थान के राष्ट्रीय संस्थापक इंजी. योगेंद्र कुमार ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों और उचित प्रतिनिधित्व के लिए संगठित होकर आगे आने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुटता के साथ अपनी सामाजिक और लोकतांत्रिक शक्ति को मजबूत करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय संयोजक रवि सर्राफ ने कहा कि स्वर्णकार समाज के लोग विभिन्न राजनीतिक दलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन समाजहित के मुद्दों पर सभी को मतभेदों से ऊपर उठकर एक मंच पर आने की जरूरत है। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष सरिता सर्राफ ने समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त एवं संगठित बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे विभिन्न स्तरों पर होने वाली उपेक्षा और चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव होगा।

महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव नीलम सर्राफ ने समाज के लोगों से जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती के साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। पूर्वांचल अध्यक्ष ईश्वर दयाल सिंह सेठ ने समाज की एकजुट आवाज को समय की आवश्यकता बताया, जबकि जिलाध्यक्ष किशोर सेठ ने कहा कि किसी भी समाज के विकास में मजबूत नेतृत्व और राजनीतिक सहभागिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि ‘सोनार महासमागम-2’ के माध्यम से समाज की एकता, स्वाभिमान, सामाजिक सरोकारों और लोकतांत्रिक भागीदारी को नई मजबूती प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व जीएसटी कमिश्नर शारदा शंकर सिंह ने की। संचालन जिलाध्यक्ष किशोर सेठ तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला महासचिव अरुण सोनी ने किया।
बैठक में समरजीत सिंह, अनूप वर्मा, अमर जौहरी, उदय प्रताप, गौतम कुमार, सुनील सर्राफ, आनंद प्रकाश, संजय, कैलाश, राजनाथ वर्मा, हरिशंकर, कमला सोनी, कंचन वर्मा, सुनीता वर्मा, कृष्ण नारायण सोनी, अनिल चंचल, पंकज सर्राफ, विष्णु दयाल सेठ सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।









