वाराणसी, 19 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 95वीं बटालियन द्वारा शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल सारनाथ में भव्य योग अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जवानों, उनके परिजनों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए योग के माध्यम से स्वस्थ एवं तनावमुक्त जीवन का संदेश दिया।
95वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के मुख्य योग प्रशिक्षक शैलेश बर्नवाल ने प्रतिभागियों को योग के विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है।
प्रातःकाल आयोजित योग सत्र में आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित ‘कॉमन योग प्रोटोकॉल’ के अनुसार कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम सहित ताड़ासन, वृक्षासन, वज्रासन और शवासन जैसे विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया। साथ ही प्रतिभागियों ने ध्यान लगाकर मानसिक शांति, आत्मसंयम और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।

इस अवसर पर कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर ने कहा कि सीआरपीएफ के जवान देश की सुरक्षा के लिए चुनौतीपूर्ण एवं तनावपूर्ण परिस्थितियों में निरंतर कार्य करते हैं। ऐसे में योग उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम कर आत्मविश्वास और कार्यकुशलता में भी वृद्धि करता है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय ज्ञान परंपरा की ऐसी अनुपम देन है, जो सम्पूर्ण मानवता को स्वस्थ और संतुलित जीवन का मार्ग दिखाती है। सारनाथ जैसी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक भूमि पर योगाभ्यास करना सभी प्रतिभागियों के लिए विशेष अनुभव रहा।
कार्यक्रम में द्वितीय कमान अधिकारी राजेश कुमार, उप-कमांडेंट नवनीत कुमार, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि प्रकाश तथा सहायक कमांडेंट रंजन सिंह सहित बटालियन के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा इंस्पेक्टर प्रिंस, कमलेश, विवेक, प्रवीण, योगेंद्र तथा सूबेदार समेत बड़ी संख्या में जवानों ने सहभागिता की। जवानों के परिवारजनों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
योगाभ्यास के दौरान अनुशासन, ऊर्जा और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह सकारात्मक और प्रेरणादायी बना रहा, जहां प्रतिभागियों ने योग को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों को नियमित योगाभ्यास अपनाने तथा “वसुधैव कुटुम्बकम के लिए योग” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया गया। आयोजन ने न केवल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवन के लिए योग की उपयोगिता को भी प्रभावी ढंग से रेखांकित किया।









