वाराणसी, 14 जून। आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को लेकर विकास खंड काशी विद्यापीठ में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में रविवार को खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में योग प्रोटोकॉल अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योगाभ्यास किया और योग के महत्व को आत्मसात किया।
कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक मनीष कुमार पांडेय एवं योग सहायक रीता जायसवाल (योग वेलनेस सेंटर, स्वामी विवेकानंद स्मारक चिकित्सालय, भेलूपुर) ने प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए निर्धारित कॉमन योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया तथा उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी गई।
अभ्यास सत्र में खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार यादव के साथ भरत यादव एवं विजय कुमार ने भी सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ योग के विभिन्न अभ्यासों में भाग लिया तथा नियमित रूप से योग करने का संकल्प भी लिया। आयोजन का उद्देश्य 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व सभी प्रतिभागियों को योग प्रोटोकॉल से भली-भांति परिचित कराना और समाज में योग के प्रति जागरूकता का व्यापक प्रसार करना था।
कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जिसे जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है।









