वाराणसी। विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह आयोजित हुआ। पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन में आदिवासी संस्कृति की समृद्ध छटा बिखेरी।
शोभायात्रा बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शुरू होकर कुंदन तिराहा, सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहा पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद यात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।
शोभायात्रा में महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने पारंपरिक आदिवासी परिधानों में भाग लिया। लोकगीत, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। पश्चिमी संस्थान में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने आदिवासी परंपराओं, प्रकृति से उनके गहरे जुड़ाव और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया। सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी दिया गया।

इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह समेत आदिवासी परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में महिलाएं, कर्मचारी, उनके परिजन एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।










