वाराणसी। नगर निगम में मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित किए जाने संबंधी चर्चाओं और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बुधवार को महानगर कांग्रेस कमेटी एवं कांग्रेस पार्षद दल ने मैदागिन स्थित राजीव भवन में संयुक्त पत्रकार वार्ता कर महापौर एवं भाजपा पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नगर निगम की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने की कोशिश कर रही है और काशी की गंगा-जमुनी तहजीब को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था, जलनिकासी, सीवर समस्या, जलभराव, टूटी सड़कों और धीमी विकास योजनाओं से जनता त्रस्त है, लेकिन इन बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय भाजपा नए विवाद खड़े कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी धर्मों, समुदायों और व्यवसायों के सम्मान में विश्वास करती है तथा संविधान की मूल भावना के अनुरूप सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की पक्षधर है।
कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्षद दल की ओर से नगर निगम में कभी भी मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर करने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि महापौर अशोक तिवारी यह दावा कर रहे हैं कि ऐसा कोई प्रस्ताव कांग्रेस की ओर से आया था, तो उसे तत्काल सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि प्रस्ताव कब, किस बैठक में और किस पत्र के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

गुलशन अंसारी ने कहा कि यदि महापौर ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं तो उन्हें काशी की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत कर रही है ताकि सामाजिक विभाजन पैदा किया जा सके और नगर निगम की प्रशासनिक विफलताओं से जनता का ध्यान हटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्षद दल ने केवल सावन और नवरात्र जैसे विशेष धार्मिक अवसरों पर, जब लाखों श्रद्धालु काशी आते हैं, आस्था और परंपराओं के सम्मान में सीमित अवधि के लिए मीट-मांस की दुकानों को बंद रखने का सुझाव दिया था। लेकिन इस सुझाव को पूरे शहर से दुकानों को हटाने के प्रस्ताव के रूप में प्रचारित करना पूरी तरह भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि काशी की पहचान उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सहिष्णुता और गंगा-जमुनी संस्कृति से रही है, जहां सभी समुदायों के लोग सदियों से आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं। ऐसे में राजनीतिक लाभ के लिए सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली बयानबाजी उचित नहीं है।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि महापौर को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर नगर निगम की जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। शहर की सफाई, जलभराव, सीवर व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की बदहाली पर ध्यान देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी और भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं एवं पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि झूठा प्रचार जारी रहा तो कांग्रेस व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर जनता के बीच सच्चाई रखेगी तथा नगर निगम की कार्यशैली और विफलताओं को उजागर करेगी।
पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, पार्षद दल नेता गुलशन अंसारी, रमजान अली, अफरोज अंसारी, असलम खां, वकाश अंसारी, राज खान, बेलाल अंसारी, तुफैल अंसारी, अरशद लड्डू, अब्दुल हमीद डोडे, किशन यादव, मोहम्मद उज्जैर, किशन गुप्ता एवं कृष्णकांत तिवारी सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और पार्षद उपस्थित रहे।









