वाराणसी। बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और उन्हें विभिन्न कौशलों से सशक्त बनाने के उद्देश्य से श्री हैहयवंशीय क्षत्रिय महिला कला केन्द्र द्वारा आयोजित 40 दिवसीय निःशुल्क ग्रीष्मकालीन शिक्षा एवं प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। संस्था द्वारा लगातार 16 वर्षों से संचालित किए जा रहे इस शिविर ने इस वर्ष भी सैकड़ों बच्चों के व्यक्तित्व विकास और कौशल संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिविर में लगभग 250 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रतिभागियों को ढोलक वादन, मेहंदी कला, ब्यूटीशियन प्रशिक्षण, पॉट डिजाइनिंग, इंग्लिश स्पीकिंग, क्राफ्ट, नृत्य, सिलाई, पेंटिंग सहित अनेक रचनात्मक एवं रोजगारपरक विषयों का प्रशिक्षण अनुभवी एवं कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया गया। 40 दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नई-नई कलाओं को आत्मसात किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि हैहयवंशीय क्षत्रिय कसेरा महासभा के संरक्षक रामनारायण कसेरा, अध्यक्ष गुंजन कसेरा, महामंत्री मनोज कसेरा तथा पार्षद संजय केशरी रहे। अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज में प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सृजनात्मकता का विकास करते हैं।

समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विजेता प्रतिभागियों को पदक, प्रमाण-पत्र तथा 1100 रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। वहीं शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिविर के सफल संचालन में प्रशिक्षिकाओं रीना बबलू कसेरा, लक्ष्मी देवी, पूनम देवी, संगीता दास, वर्षा देवी, अदिति देवी, गीता देवी, उन्नति सिंह, कृतिका, नंदिनी, सिमरन एवं वैष्णवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशिक्षिकाओं ने बच्चों को विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को नई दिशा प्रदान की।
कार्यक्रम में संस्था की सुमन, सुनीता, रामकुमारी, सरिता, रोशनी, रेनू, शिवानी, सीमा, नीतू सहित बड़ी संख्या में सदस्याएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे। समारोह का संचालन राजेश कसेरा ने किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था पदाधिकारियों ने सभी प्रशिक्षकों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं प्रतिभा संवर्धन कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।









