वाराणसी। चौक थाना क्षेत्र से जुड़े करीब 35 लाख रुपये के कागज घोटाले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। मामले की मुख्य अभियुक्ता रिचा भार्गव (45) को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर वाराणसी लाया गया है। इससे पहले उसके पति शरद भार्गव को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आवेदक घनश्याम प्रसाद चौधरी, जो कागज के थोक व्यापार से जुड़ी प्रतिष्ठित फर्म ‘सार्थक वाणिज्य इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रतिनिधि हैं, ने 24 नवंबर 2025 को थाना चौक में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार रिचा भार्गव और उसके पति ने अपनी विभिन्न फर्मों के माध्यम से व्यापारिक लेन-देन के दौरान लगभग 35 लाख रुपये मूल्य का कागज लिया, लेकिन भुगतान किए बिना ही वाराणसी से फरार हो गए। बकाया राशि मांगने पर दोनों आश्वासन देकर टालते रहे और बाद में कार्यालय व आवास बंद कर गायब हो गए। इस संबंध में थाना चौक पर मुकदमा संख्या 03/2026 धारा 316(5), 318(4), 61(2)(ए) बीएनएस के तहत पंजीकृत किया गया था। विवेचना चौकी प्रभारी ब्रह्मनाल उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार त्रिपाठी को सौंपी गई। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त दंपती के खिलाफ वाराणसी कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में कई अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।मुख्य पुलिस आयुक्त के निर्देश पर, अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय एवं अपराध के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त जोन काशी के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर सूचना, तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 7 जनवरी 2026 को सोनीपत के कुंडली थाना क्षेत्र स्थित टीडीआई मॉल के पास से अभियुक्ता को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक अली अतहर, महिला उपनिरीक्षक मानसी वर्मा, हेड कांस्टेबल एकता पासवान तथा सर्विलांस सेल व थाना चौक के पुलिसकर्मी शामिल रहे। अभियुक्ता को वाराणसी लाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।









