वाराणसी। हज (मक्का-मदीना) यात्रा कराने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी, धोखाधड़ी, दुर्व्यवहार एवं धमकी के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वाराणसी की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए थाना सिगरा पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने बीएनएसएस की धारा 173(4) के अंतर्गत समुचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लोहता क्षेत्र निवासी अब्दुल रशीद एवं अब्दुल हई अंसारी ने सिगरा स्थित के.वी. ग्रुप इंटरनेशनल टूर एंड ट्रेवल्स के विज्ञापन से प्रभावित होकर हज यात्रा के लिए संपर्क किया था। आरोप है कि फर्म के डायरेक्टर द्वारा दोनों पीड़ितों को 15 मई 2026 तक हज यात्रा हेतु टिकट, वीजा एवं अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद पीड़ितों ने लगभग 17 लाख रुपये संबंधित खातों में जमा कर दिए।
पीड़ितों का आरोप है कि निर्धारित तिथि बीत जाने के बाद भी न तो टिकट उपलब्ध कराया गया और न ही वीजा अथवा अन्य कोई सुविधा दी गई। कई बार फोन एवं कार्यालय पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि जब पीड़ितों ने अपनी जमा राशि वापस मांगी तो फर्म के डायरेक्टर एवं कर्मचारियों द्वारा गाली-गलौज, दुर्व्यवहार तथा धमकी दी गई और रुपये लौटाने से इनकार कर दिया गया।

इसके बाद पीड़ितों ने दीवानी कचहरी स्थित श्री श्याम विधिक चैम्बर के वरिष्ठ अधिवक्ता शशि वर्मा एवं अधिवक्ता मनोज शर्मा से संपर्क कर न्यायालय की शरण ली। अधिवक्ताओं द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में बीएनएसएस की धारा 173(4) के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने अधिवक्ताओं की दलीलों एवं प्रस्तुत साक्ष्यों को सुनने के बाद थाना प्रभारी सिगरा को मामले में एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई एवं विवेचना करने का आदेश दिया।









