वाराणसी। अस्सी स्थित डुमराव बाग कॉलोनी में बुधवार को आदि शंकराचार्य महासंस्थानम् श्री काशी सुमेरु मठ के पूर्व पीठाधीश्वर शंकराचार्य शंकरानंद सरस्वती महाराज की 35वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आश्रम परिसर में सनातन संगोष्ठी, वैदिक अनुष्ठान एवं ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया।
श्री सुमेरु पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सनातन धर्म अनादि काल से इस धरती पर विद्यमान है और आगे भी रहेगा। इसे समाप्त करने का प्रयास करने वाले स्वयं समाप्त हो गए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण मानवता के बौद्धिक एवं आध्यात्मिक उत्थान का मार्ग सनातन धर्म ही है।
कार्यक्रम में त्रिपुरसुंदरी सहस्त्रार्चन, वैदिक अनुष्ठान एवं धर्म संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आए साधु-संतों, विद्वानों एवं धर्माचार्यों ने शंकराचार्य शंकरानंद सरस्वती महाराज के जीवन, कृतित्व एवं सनातन धर्म पर अपने विचार व्यक्त किए। समारोह जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के सान्निध्य में वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।

इस अवसर पर दंडी स्वामी शुद्धानंद महाराज, महंत रामदास फलाहारी महाराज, बृजभूषणानंद सरस्वती महाराज, निश्चलानंद सरस्वती, कोतवाल मोहन दास महाराज, विधि भूषण महाराज, प्रो. राम पूजन पांडे, प्रो. सुवेंदु त्रिपाठी, प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी एवं प्रो. पतंजलि मिश्रा सहित अनेक विद्वतजन उपस्थित रहे।









