वाराणसी, 10 अप्रैल 2026। धर्मनगरी काशी में सनातन परंपरा के शीर्ष आध्यात्मिक पद पर आसीन परमाराध्य उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ‘1008’ जी महाराज को मिली जानलेवा धमकी के मामले में वाराणसी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया गया कि महाराज श्री के प्रतिनिधि परमात्मानन्द ब्रह्मचारी ने इस संबंध में भेलूपुर थाने में लिखित तहरीर दी थी, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। इसको लेकर श्रद्धालुओं और संत समाज में रोष व्याप्त है।
मामले को गंभीर बताते हुए कहा गया कि जगद्गुरु शंकराचार्य जैसे पूज्य संत को धमकी मिलना न केवल करोड़ों अनुयायियों की आस्था पर आघात है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती है। सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संज्ञेय अपराध में FIR दर्ज न होना पुलिस की निष्क्रियता को दर्शाता है।

परमात्मानन्द ब्रह्मचारी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र ही दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित नहीं करता है, तो संत समाज उच्चाधिकारियों का घेराव करने और न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा। इस संबंध में जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पांडेय द्वारा दी गई।









