वाराणसी, 09 मई 2026। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश की प्रान्तीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक शनिवार को प्रान्तीय अध्यक्ष सम्पूर्णानन्द द्विवेदी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन प्रान्तीय महामंत्री बी० के० तिवारी ने किया। डिजिटल माध्यम से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के 66 जनपदों से बड़ी संख्या में पेंशनर्स सदस्य एवं पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वैलिडेशन एक्ट 2025 के प्रावधानों का तीखा विरोध करते हुए इसे पेंशनर्स हितों के प्रतिकूल बताया। वक्ताओं का कहना था कि यह एक्ट सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों के जीवन के अंतिम पड़ाव में उनके अधिकारों और सम्मान पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्ट के माध्यम से पेंशनरों को विभिन्न वर्गों में विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो “समान पद, समान पेंशन” की मूल भावना के विपरीत है।
बैठक में यह भी कहा गया कि केंद्र सरकार “सबका साथ, सबका विकास” का नारा देती है, किंतु वैलिडेशन एक्ट के प्रावधान पेंशनभोगियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार को बढ़ावा देते हैं। संगठन ने मांग की कि सरकार तत्काल इस एक्ट के पेंशनर्स विरोधी उपबंधों को वापस ले तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वाराणसी, प्रयागराज, शाहजहांपुर, बलिया, बरेली, इटावा, हापुड़, लखनऊ, महोबा सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए संगठन द्वारा भविष्य में प्रस्तावित आंदोलनों एवं कार्यक्रमों में तन-मन-धन से सहभागी बनने का संकल्प लिया। बैठक में यह मांग भी प्रमुखता से उठाई गई कि सभी पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल कर उसकी संस्तुतियों एवं लाभों से पूर्ण रूप से आच्छादित किया जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित हो सके।
बैठक में वाराणसी जनपद की ओर से राजेश्वर पाण्डेय, ई० आनन्द लाल, जयराज बहादुर सिंह, संजय कुमार श्रीवास्तव, सी०बी० सिंह, शिवमंगल यादव, के०आर० शास्त्री, बंशी लाल जायसवाल तथा दीपेन्द्र कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की।









