वाराणसी।रविवार को मैदागिन स्थित पराड़कर स्मृति भवन के सभागार में भारतीय सबका दल एवं भारत बचाओ मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में पृथक पूर्वांचल राज्य की मांग पूरे जोर-शोर से उठी। अधिवेशन में सर्वसम्मति से ईश्वर दयाल सिंह सेठ को पुनः भारतीय सबका दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मा० कृष्ण नारायण सोनी ने की, जबकि संचालन स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष मा० ईश्वर दयाल सिंह सेठ ने किया। अधिवेशन को संबोधित करते हुए मा० सेठ ने कहा कि पूर्वांचल के सर्वांगीण विकास के लिए अलग राज्य समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पूर्वांचल को प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से अलग पहचान नहीं मिलेगी, तब तक क्षेत्र का अपेक्षित विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वांचल की राजधानी वाराणसी, प्रयागराज अथवा गोरखपुर में से किसी एक को बनाया जाना चाहिए।
ईश्वर दयाल सिंह सेठ ने प्रत्येक नागरिक को ₹2000 प्रतिमाह वोटर-शिप या वोटर पेंशन भत्ता दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि इससे आमजन की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी और रामराज्य की अवधारणा को साकार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने भगवान विश्वकर्मा के वंशजों एवं शिल्पकार समाज के उत्थान हेतु विश्वकर्मा पंच शिल्पी आयोग के गठन की मांग की तथा काशी में महान संत नरहरी दास जी का भव्य द्वार एवं प्रतिमा स्थापित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अधिवेशन में किसानों, व्यापारियों, महिलाओं, शिक्षित युवाओं को बेरोजगारी भत्ता न दिए जाने, सरकारी संस्थानों के निजीकरण और दोहरी शिक्षा नीति को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की गई।
भारत बचाओ मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक मा० आर० एस० मानव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकारों की नीतियों से नौजवान, किसान, व्यापारी, महिलाएं और श्रमिक वर्ग गहरे संकट में हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में जनता इन नीतियों का करारा जवाब देगी।
सभा में उपस्थित विभिन्न राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने व्यापार नीति, शिक्षा नीति, स्वास्थ्य व्यवस्था, महिला हिंसा और केंद्र व प्रदेश सरकारों की तानाशाही प्रवृत्तियों पर जमकर हमला बोला। इस अवसर पर स्वर्णकार समाज के गणमान्य नागरिकों, विद्वानों एवं महिलाओं को अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मा० नंदा सिंह चौहान, मा० बी० एल० सोनकर, मा० ई० सुशील कुमार रत्नाकर, मा० अजय कुमार विश्वकर्मा, मा० चंद्रपाल सिंह वाल्मीकि, मा० मिठाई लाल प्रजापति, मा० अजय वर्मा, मा० आर० एन० मानव, मा० के० के० यादव सहित अनेक राष्ट्रीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सभा की अध्यक्षता मा० रवि सर्राफ (चेयरमैन, स्वर्णकार भारतीय सेवा संस्थान) ने की। प्रदेश अध्यक्ष मा० सरिता सर्राफ, मा० दया शंकर सेठ, मा० विष्णु दयाल सेठ, मा० कमल कुमार सिंह, भारतीय सबका दल के संरक्षक मा० कैलाश सिंह विकास, मा० सागर दास जी महाराज, मा० उमा शंकर सिंह एवं मा० ध्रुव जी सर्राफ ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं संत श्री हरिदास जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।अंत में ईश्वर दयाल सिंह सेठ को सर्वसम्मति से पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किए जाने के साथ अधिवेशन संपन्न हुआ। स्वागत मा० रवि सर्राफ ने किया, संचालन डॉ० कैलाश सिंह विकास एवं ईश्वर दयाल सिंह सेठ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रकाश राम प्रकाश सिंह ने किया।









