वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया और क्रांतिकारी अध्याय आरंभ हुआ है। प्राचीन काल से शिक्षा, संस्कृति और ज्ञान की पवित्र भूमि मानी जाने वाली वाराणसी अब नवाचार एवं उद्यमिता के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। इसी कड़ी में नो योर कॉलेजेज (KYC) द्वारा पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीस से अधिक प्रतिष्ठित विद्यालयों में स्टार्टअप आधारित शिक्षा अभियान और प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की गई है।
यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम DIC, IIT-BHU (Innovation Support) एवं BITS पिलानी के उद्यमिता प्रकोष्ठ के सहयोग से संचालित हो रहा है, जो इसे काशी की युवा पीढ़ी के लिए ऐतिहासिक पहल बनाता है।
विद्यार्थियों को बनाया जाएगा ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’

कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों में कम उम्र से ही स्टार्टअप कल्चर, नवाचार, समस्या समाधान, नेतृत्व कौशल, डिजाइन थिंकिंग और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है। KYC की टीम का मानना है कि आज का विद्यार्थी यदि इन कौशलों को कम उम्र में सीख लेता है, तो भविष्य में वह नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बन सकता है।
प्रमुख विद्यालयों में पहुंच चुका अभियान
KYC के संस्थापक सार्थक गुप्ता (अग्रहरि) और सह-संस्थापक डॉ. श्रीयांशु जायसवाल के नेतृत्व में अब तक कई नामचीन विद्यालयों में प्रेरक अभिमुखीकरण सत्र हो चुके हैं। इनमें—
सनबीम समूह के विभिन्न विद्यालय
संत अतुलानंद कान्वेंट विद्यालय
आनंद राम जयपुरिया विद्यालय
डीपीएस काशी
सनबीम मुगलसराय
सहित अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान शामिल हैं।
आगामी दिनों में यह अभियान पूरे 20 विद्यालयों में विस्तारित किया जाएगा।
तीन दिवसीय स्टार्टअप बूट कैंप में मिलेगी प्रायोगिक शिक्षा
प्रत्येक विद्यालय में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय स्टार्टअप बूट कैंप में विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू करने की मूल प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्र सीखेंगे—
वास्तविक समस्या की पहचान
नवाचारी समाधान विकसित करना
MVP और प्रारूप प्रोटोटाइप तैयार करना
व्यापार मॉडल तैयार करने की विधि
पिच डेक बनाना और प्रस्तुति कौशल
यह पूरा कार्यक्रम बच्चों को सिर्फ सैद्धांतिक नहीं, बल्कि प्रायोगिक और वास्तविक जीवन आधारित शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित होगा।
BHU में 9 जनवरी 2026 को होगा मेगा फाइनल
पूरे अभियान का अंतिम चरण यानी ग्रैंड फिनाले आगामी 9 जनवरी 2026 को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इसमें चयनित विद्यालयों के विद्यार्थी अपने स्टार्टअप मॉडल प्रस्तुत करेंगे। विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन के बाद उत्कृष्ट टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा।
काशी के लिए मील का पत्थर
नवाचार एवं उद्यमिता को विद्यालय स्तर पर प्रोत्साहित करने वाली यह पहल काशी को स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में वाराणसी से अनेक युवा उद्यमी सामने आएंगे, जो देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे









