वाराणसी, 25 जनवरी, वाराणसी। महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने इंडिया गठबंधन के घटक दल समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोके जाने, नजरबंद किए जाने एवं गिरफ्तार किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला करार दिया।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव के स्पष्ट निर्देशानुसार सपा का एक प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट जाकर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने वाला था। यह कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में आयोजित किया जा रहा था, जिसकी सूचना शासन-प्रशासन को पूर्व से ही थी। इसके बावजूद वाराणसी में जिस तरह सपा के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को जगह-जगह रोका गया, नजरबंद किया गया और गिरफ्तार तक किया गया, वह अत्यंत चिंताजनक और निंदनीय है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार अपने दावों और कार्यप्रणाली को लेकर आश्वस्त है, तो फिर इंडिया गठबंधन के नेताओं को मणिकर्णिका घाट जाने से क्यों रोका गया? आखिर किस बात का डर है? सच्चाई को सामने आने दीजिए, सवालों से भागिए मत।

राघवेन्द्र चौबे ने आरोप लगाया कि वाराणसी में प्रशासन निष्पक्ष न होकर सत्ता के इशारे पर कार्य कर रहा है। संविधान हर जनप्रतिनिधि को जनता के बीच जाकर हालात जानने और सवाल उठाने का अधिकार देता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में आज यह अधिकार भी छीना जा रहा है। यह विपक्ष की आवाज़ को दबाने की सुनियोजित साजिश है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस दमनकारी रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करती है और यह भी साफ है कि इंडिया गठबंधन न तो डरने वाला है और न ही झुकने वाला। जनता की आवाज़ को दबाने के लिए चाहे जितने प्रयास किए जाएँ, सच्चाई सामने आकर रहेगी।
अंत में उन्होंने भाजपा सरकार से दमन की राजनीति छोड़कर जवाबदेही की राजनीति अपनाने की मांग की और कहा कि जनता सब देख रही है। समय आने पर लोकतंत्र पर किए गए हर हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।









