वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में रूसी प्रतिनिधिमंडल के आगमन का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। काल्मिकिया बौद्ध एसोसिएशन से सम्बद्ध यह प्रतिनिधिमंडल 14 से 29 अप्रैल 2026 तक भारत भ्रमण पर रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में परम पावन दलाई लामा से भेंट कर बौद्ध एवं सनातन परम्पराओं का अध्ययन करेगा तथा प्राचीन बौद्ध मठों का अवलोकन कर ज्ञानार्जन करेगा। इस दल का नेतृत्व विश्वविद्यालय के बौद्ध दर्शन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. लेखामणि त्रिपाठी करेंगे, जो रूस में भारतीय ज्ञान परम्परा, धर्म एवं संस्कृत भाषा का नियमित ऑनलाइन अध्यापन कर रहे हैं।
विशेष बात यह है कि यह रूसी प्रतिनिधिमंडल अपने भारत दौरे की शुरुआत सर्वप्रथम सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय से करेगा, जिसे भारतीय ज्ञान परम्परा का प्राचीन एवं प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां से संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति का व्यापक प्रसार होता रहा है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के श्रमण विद्या संकाय प्रमुख एवं पाली विभागाध्यक्ष प्रो. रमेश प्रसाद ने डॉ. त्रिपाठी को अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के आचार्य विश्व स्तर पर देवभाषा संस्कृत और भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिससे भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान मिल रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान बना रहा है।
कार्यक्रम में धर्म संस्कृति संगम के राष्ट्रीय महासचिव दीनदयाल पाण्डेय एवं श्रीमती रजनी शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









