वाराणसी। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे से संबंधित किसी भी प्रकार की अनियमितता गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट उत्तर दिया जाना चाहिए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग भी उठाई।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता के साथ कार्य करने की नसीहत दी। इसके बाद कुछ समय के लिए माहौल गर्म रहा, हालांकि बाद में ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भगवान श्रीराम सत्य, न्याय और मर्यादा के प्रतीक हैं, इसलिए उनसे जुड़े किसी भी मामले में पूर्ण पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी जनभावनाओं से जुड़े इस मुद्दे को आगे भी मजबूती से उठाती रहेगी।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नेता शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में मांग की कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।
कार्यक्रम में राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे, सजीव सिंह, डॉ. राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, मनीष मोरोलिया, गिरीश पाण्डेय, अशोक सिंह, वकील अंसारी, ओमप्रकाश ओझा, विनोद सिंह कल्लू, राजीव राम, रमजान अली, संतोष चौरसिया, अखिलेश पाण्डेय, राजेन्द्र गुप्ता, प्रमोद वर्मा, नरसिंह दास, खालिद सिद्दीकी, संतोष मौर्य, विजय देवल, आशीष पटेल, वीरेन्द्र प्रताप सिंह, आकाश त्रिपाठी, मो. उज्जैर, मनीष सिंह, राकेश सिंह, राजेश प्रजापति, आशुतोष पाण्डेय, योगेंद्र सिंह, पुलक त्रिपाठी, रमेश शर्मा, घनश्याम यादव, कृष्णा गौड़, सुभाष चंद्र वर्मा, रोहित मौर्य, रामलखन साहनी, रामजी गुप्ता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








