वाराणसी। अखिल भारतीय सनातन न्यास, जैतपुरा द्वारा आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा के विश्राम दिवस पर पातालपुरी पीठाधीश्वर जगतगुरु बालक देवाचार्य महाराज ने मर्यादा, पारिवारिक एकता और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लंकेश रावण के पास अपार शक्ति और संसाधन होने के बावजूद परिवार में एकजुटता और धर्म के अभाव के कारण उसका सर्वनाश हुआ। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज को सुदृढ़ बनाने के लिए भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुसरण आवश्यक है।
रामराज्याभिषेक प्रसंग के दौरान चारों भाइयों, माता जानकी एवं अंजनीनंदन हनुमान की भव्य झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा पंडाल में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भक्तिभाव से झूमते हुए उत्सव का आनंद लिया।
समापन अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों, पत्रकारों एवं व्यवसायियों को अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। न्यास के अध्यक्ष डॉ. अजय जायसवाल ने बताया कि बुधवार 10 जून को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

कार्यक्रम के अंत में व्यासपीठ की आरती किशोर सेठ, रविशंकर सिंह, विष्णु गुप्ता, जयशंकर गुप्त, प्रमोद यादव मुन्ना, डॉ. अजय जायसवाल, रवि प्रकाश, वतन कुशवाहा, विनीत कुमार, ज्योति प्रजापति, डॉ. पुष्पा जायसवाल, डॉ. अलका जायसवाल, ममता गुप्ता एवं रुबी गुप्ता सहित अन्य श्रद्धालुओं ने की। संचालन प्रधान सचिव राजेश सेठ ने किया।









