वाराणसी, 24 जून। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिहारी लाल शर्मा को झारखण्ड के प्रतिष्ठित राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के प्रशासनिक/परामर्शदातृ बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है। इस महत्वपूर्ण मनोनयन से न केवल सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है, बल्कि काशी की गौरवशाली शैक्षिक परम्परा को भी नई पहचान मिली है।राधा गोविन्द विश्वविद्यालय की सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश में प्रो. शर्मा के दीर्घ शैक्षणिक अनुभव, कुशल प्रशासनिक नेतृत्व, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान तथा भारतीय ज्ञान-परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए यह दायित्व सौंपा गया है। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक/परामर्शदातृ बोर्ड संस्थान की शैक्षणिक नीतियों, अनुसंधान गतिविधियों, गुणवत्ता संवर्धन, नवाचार, उद्योग एवं शिक्षा जगत के बीच समन्वय तथा संस्थागत उत्कृष्टता के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने वाला प्रमुख निकाय है। ऐसे प्रतिष्ठित बोर्ड में प्रो. शर्मा का मनोनयन उनकी विद्वत्ता और शैक्षणिक नेतृत्व की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक माना जा रहा है।प्रो. बिहारी लाल शर्मा भारतीय ज्ञान-परम्परा, संस्कृत अध्ययन और उच्च शिक्षा प्रशासन के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उनके नेतृत्व में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनकी भूमिका को व्यापक रूप से सराहा गया है।इस मनोनयन की सूचना मिलते ही सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में प्रसन्नता का वातावरण व्याप्त हो गया। विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रो. शर्मा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।








