वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान के भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक हैं। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और आत्मसम्मान की प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के जीवन से साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना का विकास करना भी है। महाराणा प्रताप का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की सीख देता है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अंत में सभी ने राष्ट्र एवं संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया।










