वाराणसी। गंगा-जमुनी तहजीब और सदियों के इतिहास को अपने आगोश में समेटे काशी नगरी में, जहाँ हर घर से एक कहानी जुड़ी है, वहाँ एक और नन्हीं कहानी ने अपना पहला पन्ना पलटा। शहर के प्रतिष्ठित सामाजिक एवं समाजसेवी व्यक्तित्व, संयुक्त श्रीमाली सभा के सदस्य श्री राजेंद्र प्रसाद के पौत्र एवं श्री अमन कुमार सैनी व श्रीमती अनिशा सैनी के पुत्र का प्रथम जन्मदिवस समारोह नदेसर स्थित आकाश लॉन में एक भव्य व पारंपरिक आयोजन के साथ मनाया गया। यह वही काशी है जहाँ हर आशीर्वाद माँ भगवती के चरणों और अस्सी घाट की पवित्र मिट्टी से सराबोर होता है, और इस नन्हें मेहमान के भाग्य में भी यही आशीष लिखी गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त श्रीमाली सभा के जिलाध्यक्ष श्री बृजेश सैनी ‘बबलू’ एवं विशिष्ट अतिथि जिला महामंत्री श्री राजकुमार श्रीमाली रहे। मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एक पारंपरिक रस्म के तहत माता-पिता ने शिशु को भगवान के समक्ष प्रस्तुत कर आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों ने बच्चे के नाम पर केक काटकर उसके दीर्घायु और सुखमय जीवन की कामना की। उपस्थित सभी अतिथियों ने नन्हें मेहमान को गुलदस्ते, उपहार और आशीर्वाद दिए।श्री अमन कुमार सैनी व श्रीमती अनिशा सैनी ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए इस सुखद अवसर पर उपस्थित होने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ और माँ गंगा के इस पावन शहर में सभी के स्नेह और आशीर्वाद से ही उनके पुत्र का जीवन पथ प्रशस्त होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर परिवार के वरिष्ठ सदस्यों में श्री बनारसी सैनी, श्री रामचंद्र सैनी, श्री कृष्ण सैनी, श्री विकास सैनी, श्री कमल, श्री रोहन, श्री राजू सैनी, श्री संजय सैनी, श्री पवन सैनी, श्री सूरज सैनी, श्री दिव्यांग सैनी, श्री नीरज सैनी, श्री कुणाल, श्री रुद्र प्रताप उपस्थित रहे। साथ ही श्रीमती माधुरी, श्रीमती शोभा, श्रीमती बबीता, श्रीमती साधना, श्रीमती आरती, श्रीमती अंजू, श्रीमती सोनम, श्रीमती एकता, श्रीमती शिवांगी, श्रीमती अमृता, श्रीमती नैना सहित अनेक महिलाओं ने भी बच्चे को आशीष दिया। कार्यक्रम में नगर के पत्रकार समुदाय, समाजसेवी एवं अन्य गणमान्य नागरिक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह का संचालन सरल व भावपूर्ण ढंग से किया गया। अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए स्वादिष्ट भोजन के साथ उनका आतिथ्य सत्कार किया गया। काशी की इस पावन भूमि पर एक नए सूर्य के उदय की यह खुशी सभी के चेहरों पर मुस्कान लेकर आई।









