वाराणसी। श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज, वाराणसी के परमानंदपुर परिसर में मिशन शक्ति फेज-5 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत मिशन शक्ति एवं महिला सशक्तिकरण के तत्वावधान में “कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न” विषय पर छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति एवं महिला सशक्तिकरण की समन्वयक डॉ. श्रृंखला ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न एक गंभीर समस्या है, जो उनके अधिकारों, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, करियर और सुरक्षा को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की जागरूकता ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति का मुख्य उद्देश्य भी महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. कुमुद सिंह ने बताया कि लैंगिक उत्पीड़न की पहचान करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती शारीरिक संपर्क, अश्लील सामग्री का प्रदर्शन, गाली-गलौज और अभद्र टिप्पणियां जैसे व्यवहार यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं।

राजनीति विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रो. मीनाक्षी मधुर ने कहा कि कार्यस्थल पर किसी के साथ दुर्व्यवहार, अनुचित टिप्पणी या यौन उत्पीड़न करना कानूनन दंडनीय अपराध है। इसके लिए “कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013” बनाया गया है, जो महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करता है।
डॉ. बन्दनी ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के प्रभावों और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रावधानों के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया।
कार्यक्रम का संचालन छात्रा संजना ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन खुशी विश्वकर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।









