वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह के निर्देशन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र के नेतृत्व में शुक्रवार को महिला-बाल कल्याण द्वारा संचालित सभी राजकीय एवं स्वयंसेवी संस्थाओं में वीर बाल दिवस बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित बच्चों के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय बाल गृह बालक रामनगर, राजकीय बालिका गृह रामनगर एवं राजकीय पाश्चातवर्ती देखरेख संगठन रामनगर के बच्चों का संयुक्त आयोजन हुआ। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष स्नेहा उपाध्याय ने कहा कि वीरता, साहस और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत इस कार्यक्रम में सहभागिता गौरव का विषय है। यह आयोजन अदम्य साहस को समर्पित है। जिला बाल संरक्षण इकाई की संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह—का अद्वितीय बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश, धर्म और मानवता के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा। वीर बाल दिवस का उद्देश्य उनके बलिदान को स्मरण कर बच्चों में साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रबल करना है। कार्यक्रम में बच्चों ने खेल, देशभक्ति प्रस्तुतियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाटकों, गीतों और कविताओं के माध्यम से साहिबजादों के जीवन, संघर्ष और बलिदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में विजेता राधा किशोरी बालिका इंटर कॉलेज की छात्रा कुमारी मनीषा को सम्मानित किया गया। साथ ही राजकीय बाल गृह से कार्तिक, सोनू, सुंदर; राजकीय बालिका गृह से निशा, दुर्गा, राधिका तथा राजकीय पाश्चातवर्ती देखरेख संगठन से संध्या को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजकीय बाल गृह बालक के प्रभारी अशोक कुमार, राजकीय संप्रेक्षण गृह के प्रभारी अधिकारी कमलेश कुमार पाण्डेय, राजकीय बालिका गृह की प्रभारी अधिकारी संगीत राय, राजकीय पाश्चातवर्ती देखरेख संगठन की अधिकारी नीता देवी सहित सभी संस्थाओं के स्टाफ और शिक्षक उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित डायोसिस ऑफ वाराणसी के फादर कैस्पर ने सभी बालक-बालिकाओं को गर्म कपड़े वितरित किए तथा उन्हें वीर बाल दिवस एवं क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।









