वाराणसी। खेल जगत में अपनी पहचान बना चुकी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खुशी सिंह ने मंगलवार को दुर्गाकुंड स्थित तुलसी मानस मंदिर परिसर के प्राचीन बाल हनुमान मंदिर में संगीतमय सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ का भव्य आयोजन कराया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से ओतप्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान हनुमान के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और हनुमान वंदना के साथ हुआ। संगीतमय सुंदरकांड पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों और चौपाइयों के साथ प्रभु भक्ति में सराबोर दिखाई दिए।
मंदिर के महंत सत्यम त्रिपाठी महाराज ने कहा कि बाल हनुमान मंदिर में आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान केवल व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का भी माध्यम है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खुशी सिंह की विशेष श्रद्धा एवं संकल्प से यह आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें विश्व कल्याण और मानवता की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश कश्यप तथा डीएसपी विपिन ने खुशी सिंह को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अतिथियों ने उनके खेल क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़कर सफलता प्राप्त करने वाले युवा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।

इस अवसर पर अपने भाव व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खुशी सिंह ने कहा कि उनके जीवन की उपलब्धियों और सफलता के पीछे बाल हनुमान जी की असीम कृपा और आशीर्वाद है। उन्होंने कहा, “मैं बचपन से ही बाल हनुमान जी की अनन्य भक्त रही हूँ। जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण पड़ाव पर मुझे उनकी कृपा और संरक्षण का अनुभव हुआ है। आज मैं जिस मुकाम पर हूँ, उसमें उनकी कृपा का विशेष योगदान है।”
उन्होंने बताया कि सुंदरकांड और हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन विश्व शांति, मानव कल्याण और समस्त प्राणियों के मंगल की कामना के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने सभी लोगों से आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान भी किया।
धार्मिक अनुष्ठान के समापन पर बाल हनुमान जी की भव्य आरती संपन्न हुई, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आरती के बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला।









