वाराणसी। फूलपुर थाना क्षेत्र को नया नेतृत्व मिलते ही कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदना—दोनों के स्पष्ट संकेत मिल गए हैं। नवागत प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह ने कार्यभार संभालने से पहले ही ऐसी मिसाल पेश की, जिसने पुलिस की भूमिका को एक बार फिर समाज के सामने सकारात्मक रूप में स्थापित कर दिया।
शनिवार सुबह जब इंस्पेक्टर अतुल सिंह चार्ज लेने फूलपुर थाना जा रहे थे, तभी रमईपुर के पास सड़क किनारे एक घायल व्यक्ति तड़पता हुआ दिखाई दिया। काफिले के साथ चल रहे वाहनों को तुरंत रुकवाया गया। बिना किसी औपचारिकता या देरी के उन्होंने स्वयं एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई और घायल को तत्काल अस्पताल भिजवाया। मौके पर मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य चौंकाने वाला भी था और प्रेरक भी—जहां आम तौर पर लोग अनदेखा कर आगे बढ़ जाते हैं, वहीं एक पुलिस अधिकारी ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया।
इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह की यह पहल महज एक मानवीय कर्तव्य नहीं रही, बल्कि फूलपुर क्षेत्र के लिए उनके प्रशासनिक तेवरों का स्पष्ट संकेत भी बन गई। चार्ज संभालते ही उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि क्षेत्र में अपराध और अराजकता के लिए कोई जगह नहीं होगी। अपराधियों को साफ संदेश है—या तो अपराध छोड़ो, या फूलपुर छोड़ो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद फूलपुर को ऐसा अधिकारी मिला है, जो कानून के साथ-साथ करुणा को भी समझता है। घायल की मदद की खबर फैलते ही क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई। लोगों ने खुले तौर पर कहा—“ऐसे जांबाज और संवेदनशील अधिकारी की ही जरूरत थी।
पुलिस महकमे में भी इंस्पेक्टर अतुल सिंह की इस शुरुआत को ‘कड़क और सकारात्मक’ माना जा रहा है। उनकी तत्परता ने यह साफ कर दिया है कि फूलपुर थाना अब केवल कार्रवाई का केंद्र नहीं, बल्कि जन-सेवा और सुरक्षा का संगम बनेगा।
फूलपुर के नए थानेदार अतुल कुमार सिंह ने पहले ही दिन यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ रौब के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मानवता का प्रतीक भी होती है। एक ओर जहां आमजन को उनसे सुरक्षा और संवेदना की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों में उनके नाम से ही बेचैनी देखी जा रही है।
फूलपुर में बदलाव की यह शुरुआत आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था की नई इबारत लिखेगी—ऐसी उम्मीद अब हर नागरिक की जुबान पर है।









