वाराणसी। हनुमान घाट स्थित श्री पंचनाम जूना अखाड़ा के अंतर्गत प्राचीन बड़े हनुमान मंदिर में बुधवार को भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस दौरान 251 ब्राह्मणों ने एक साथ स्वरबद्ध ढंग से 1100 सुंदरकांड और 1100 हनुमान चालीसा का पाठ किया। साथ ही 11,000 गुलाब पुष्पों से भगवान हनुमान का षोडशोपचार विधि से पूजन-अर्चन श्रीमंहत हरि गिरी महाराज की प्रेरणा से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज एवं महामंडलेश्वर रूपोंमयी नंदगिरि माता (काशी पीठाधीश्वर, वीरेश्वर मठ, श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा) का सानिध्य प्राप्त हुआ। शंकराचार्य महाराज ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एकता व सद्भाव का संदेश देते हैं।
अनुष्ठान के दौरान राष्ट्र की एकता, अखंडता और आपसी सौहार्द की कामना की गई। संतों एवं विद्वान ब्राह्मणों ने देश के सुचारू संचालन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय उन्नति के लिए विशेष प्रार्थना की। साथ ही भारतीय सैन्य शक्तियों के विकास, देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए भी हनुमान जी से आशीर्वाद मांगा गया।

मंदिर समिति व स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम संयोजक मुकेश सिंह ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ अत्यंत प्रेरणादायक रहा और भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे।








