वाराणसी, 18 जून। आगामी 30 जुलाई को प्रस्तावित दीक्षान्त समारोह की तैयारियों के तहत सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में गुरुवार को विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन से प्रारम्भ हुए इस व्यापक अभियान का नेतृत्व कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने किया। अभियान में विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर परिसर को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने का संकल्प लिया।
विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थलों पर संचालित इस अभियान के दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी दिया गया। दीक्षान्त समारोह को देखते हुए पूरे परिसर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञानपरम्परा, संस्कृति और देववाणी संस्कृत का जीवंत केन्द्र है। ऐसे गौरवशाली और पवित्र परिसर की स्वच्छता केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एवं नैतिक उत्तरदायित्व भी है।

उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रों में बाह्य और आन्तरिक शुचिता को जीवन का अनिवार्य मूल्य माना गया है। योग, आयुर्वेद और धर्मशास्त्रों में ‘शौच’ को विशेष महत्व दिया गया है। वहीं आधुनिक विज्ञान भी यह प्रमाणित करता है कि स्वच्छ वातावरण उत्तम स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा, कार्यक्षमता और सतत विकास का आधार है। शास्त्रीय जीवन-दृष्टि और वैज्ञानिक चेतना का समन्वय ही स्वच्छ, स्वस्थ और संस्कारित समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करता है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में वर्ष भर स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाती है, किन्तु विशेष अवसरों पर सामूहिक सहभागिता के माध्यम से ऐसे अभियान आयोजित किए जाते हैं, जिससे स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि दीक्षान्त समारोह के आगमन से पूर्व पूरे परिसर को स्वच्छ, हरित एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालय परिवार प्रतिबद्ध है।
प्रो. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ से प्रेरित है, जिसने स्वच्छता को जन-आन्दोलन का स्वरूप प्रदान किया है। साथ ही विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वच्छ, स्वस्थ, हरित एवं संस्कारित शैक्षिक परिसरों की परिकल्पना को निरन्तर प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्हीं आदर्शों के अनुरूप विश्वविद्यालय समय-समय पर ऐसे विशेष स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित करता है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक संस्कृति का हिस्सा है। जब शिक्षण संस्थान इस दिशा में नेतृत्वकारी भूमिका निभाते हैं, तब स्वच्छता का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुँचता है। विश्वविद्यालय का यह अभियान स्वच्छता को जन-आन्दोलन बनाने की राष्ट्रीय सोच को संस्थागत स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अभियान के दौरान कुलसचिव राकेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार, प्रो. जीतेन्द्र कुमार, प्रो. हीरक कांत चक्रवर्ती, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, डॉ. रविशंकर पाण्डेय, डॉ. विजेन्द्र कुमार, अजय कुमार पाण्डेय, प्रभुनाथ यादव, डॉ. नीलिमा चौबे, सुशील कुमार यादव, सुशील कुमार तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।









