वाराणसी। वैशाख माह के आगमन के साथ ही धर्मनगरी वाराणसी भीषण गर्मी और लू की चपेट में आ गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जनपद में लगातार चार दिनों तक हीट वेव (लू) का येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नमी का स्तर 17 से 31 प्रतिशत के बीच रहने और बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती पर आग बरसा रही हैं, जिससे गर्मी का प्रभाव और अधिक तीव्र हो गया है।
सुबह के समय हल्की ठंडक के बावजूद सुबह 9 बजे के बाद सूर्य का ताप तेजी से बढ़ने लगा और दोपहर तक वातावरण पूरी तरह तपिश में बदल गया। पछुआ हवाएं लगभग 24 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रहीं, जिसने गर्मी को और अधिक झुलसाने वाला बना दिया। परिणामस्वरूप दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और सामान्य दिनों में चहल-पहल से भरे रहने वाले घाटों पर भी वीरानी छा गई।
भीषण गर्मी के चलते वाराणसी प्रदेश में दूसरा और देश के सबसे गर्म शहरों में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। रविवार को कई स्थानों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो अप्रैल के तीसरे सप्ताह में पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। इससे पूर्व वर्ष 2022 में 18 अप्रैल को तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया था। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी तीन से चार दिनों तक लू का प्रभाव इसी तरह बना रहेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार अब प्री-मानसूनी बारिश ही लोगों को इस भीषण गर्मी से राहत दिला सकती है, जबकि 20 जून तक तापमान का रुख गर्म ही रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करने, सिर को ढककर बाहर निकलने तथा बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।









