वाराणसी। सनातन परंपरा के पावन पर्व गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को श्री काशी सुमेरु पीठ के राजातालाब क्षेत्र के देऊरा स्थित आश्रम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि “गुरु को जानकर और पानी को छानकर ग्रहण करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि गुरु वही है जो अपने शिष्य को मायारूपी संसार के बंधनों से मुक्त कर सत्य, ज्ञान और परम तत्व की ओर अग्रसर करे। वहीं शिष्य का भी यह कर्तव्य है कि वह पूर्ण श्रद्धा, समर्पण और विश्वास के साथ गुरु के मार्गदर्शन का अनुसरण करे।
शंकराचार्य महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिव्य अवसर है। सच्चा गुरु शिष्य के अंतर्मन का अज्ञानरूपी अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है तथा उसके जीवन का वास्तविक कल्याण करता है।

प्रातःकाल से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गुरु पूजन, वंदन और आशीर्वाद के पश्चात देर रात तक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। पूरे आश्रम परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।










