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गुजरात दिवस पर काशी में गूंजी एकता की पदध्वनि

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वाराणसी, 30 अप्रैल 2026। संपूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में “गुजरात स्थापना दिवस” के उपलक्ष्य में गुरुवार को भव्य एवं प्रेरणादायी पदयात्रा का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र से आरंभ हुई यह पदयात्रा अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत वातावरण में निर्धारित मार्गों से होकर संपन्न हुई।

कार्यक्रम के दौरान देश के शीर्ष नेतृत्व—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ—के प्रेरणादायी विचारों का स्मरण किया गया। वक्ताओं ने उनके संदेशों को आत्मसात करते हुए राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और महिला सशक्तिकरण के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने गुजरात स्थापना दिवस के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारत की “विविधता में एकता” की भावना को सुदृढ़ करते हैं और युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सांस्कृतिक चेतना का संचार करते हैं। इससे पूर्व कुलपति ने हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया।

इस आयोजन का सफल संयोजन प्रो. विद्या कुमारी चन्द्रा एवं डॉ. विजय शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ। पदयात्रा में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक एकता के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन हुआ, जिसमें अतिथियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह आयोजन न केवल एक सांस्कृतिक उत्सव के रूप में, बल्कि सामाजिक चेतना के सशक्त माध्यम के रूप में भी प्रभावशाली साबित हुआ।

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