देवरिया। गविष्टि (गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध) के तृतीय दिवस पर वैकुंठपुर स्थित श्री राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने गौ संरक्षण को लेकर समाज और सरकार का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में विद्वानों, संस्कृत विद्यार्थियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
यात्रा के दौरान मुंडेरा बाबू, बंजरिया चौराहा रोड, कंचनपुर चौराहा, कसया रोड, सोनुघाट चौराहा तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर-शिवबनकटा सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों ने स्वागत किया और गौ रक्षा का संकल्प लिया।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि गौ रक्षा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दायित्व भी है। उन्होंने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए इस दिशा में ठोस नीति और कानून बनाने की बात कही। साथ ही वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि केवल प्रतीकात्मक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से गाय को राज्य माता घोषित करने और पशु सूची से अलग रखने की मांग दोहराई। साथ ही प्रशासनिक अभिलेखों में “गाय” के स्थान पर “मवेशी” या “cattle” शब्द के प्रयोग को अनुचित बताया।
विभिन्न राजनीतिक दलों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि देश में मूल सनातन विचारधारा पर आधारित राजनीति को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि साधु-संत प्रत्यक्ष रूप से सत्ता में भागीदारी नहीं करेंगे, बल्कि इच्छुक गृहस्थों को आगे आना चाहिए।
उन्होंने घोषणा की कि 81 दिवसीय यात्रा के बाद भी यदि गौ संरक्षण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो 24 जुलाई को लखनऊ में व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में ऋग्वेद मंत्र के साथ उपस्थित लोगों ने गौ रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लिया। आयोजन समिति ने सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आयोजन सम्बन्धी इस आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी।









