वाराणसी, 12 जुलाई। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार संचालित “एक वृक्ष माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक वैदिक विधि-विधान के बीच बृहद् वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के उद्यान विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया तथा विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, एनसीसी कैडेटों एवं विद्यार्थियों के साथ पर्यावरण संरक्षण और पौधों के संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक ऋचाओं, मंगलमय मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। आध्यात्मिक वातावरण के बीच कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि “माता हमें जीवन देती हैं और वृक्ष जीवन को प्राणवायु प्रदान करते हैं। ‘एक वृक्ष माँ के नाम’ अभियान भारतीय संस्कृति में मातृ-वंदन, प्रकृति-पूजन और पर्यावरण संरक्षण की गौरवशाली परंपरा का सशक्त प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को पौधों को वृक्ष बनने तक उनकी देखभाल और संरक्षण का दायित्व निभाना होगा। यही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।
कुलपति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है और “वृक्षो रक्षति रक्षितः” का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन से जुड़े ऐसे लोककल्याणकारी अभियानों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहेगा।

अभियान के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में आम, अमरूद, जामुन, कटहल, नींबू, करौंदा, पंछियाना, कामिनी, हरसिंगार, गुड़हल, फ्यूमेरिया, चंपा, मौलश्री, नीम, केतकी, सागौन, शिग्रु, अर्जुन, गूलर, पाकड़, राजवृक्ष तथा कचनार सहित अनेक फलदार, छायादार एवं औषधीय महत्व के पौधों का रोपण किया गया। इन पौधों के संरक्षण का भी सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्र, प्रकृति एवं मानव कल्याण की मंगलकामना की गई। इस अवसर पर कुलानुशासक प्रो. जितेन्द्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार, डॉ. रविशंकर पाण्डेय, कार्यक्रम संयोजक डॉ. ज्ञानेन्द्र साँपकोटा, डॉ. नितिन आर्य, अजय कुमार पाण्डेय, शशि कुमार पाण्डेय, संजय कुमार तिवारी सहित विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।










