वाराणसी। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से मेरा युवा भारत द्वारा आयोजित 17वें जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने राष्ट्रसेवा, अनुशासन और सांस्कृतिक विरासत के महत्व को करीब से जाना। दिनभर की गतिविधियाँ उत्साह, ऊर्जा और प्रेरणा से भरपूर रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) की 95 बटालियन के भ्रमण से हुई। इस अवसर पर सहायक कमांडेंट अभिषेक सिंह ने बटालियन की स्थापना, कर्तव्यों और राष्ट्र की सुरक्षा में उसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके प्रेरक संबोधन ने युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और सेवा भाव को और सुदृढ़ किया।
इसके बाद प्रतिभागियों ने विश्वप्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ सारनाथ का भ्रमण किया। यहाँ विशेषज्ञ गाइड ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से युवाओं को अवगत कराया। उन्होंने प्राचीन इतिहास, आध्यात्मिक परंपराओं और भारतीय मूल्यों को निकट से समझा।

दोपहर भोज के उपरांत दल ने थाई मंदिर और स्वर्वेद महामंदिर का भी भ्रमण किया। इन स्थलों की आध्यात्मिक गरिमा और स्थापत्य सौंदर्य ने प्रतिभागियों को गहराई से प्रभावित किया।
दिनभर चले ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी कार्यक्रमों के पश्चात सभी प्रतिभागी नई ऊर्जा और सकारात्मक अनुभवों के साथ शिविर लौटे। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी यतेंद्र सिंह, राम गोपाल चौहान, लेखा एवं कार्यक्रम सहायक विकास चौरसिया, मनोज शर्मा, सृजन, राकेश यादव एवं सुरेश भारद्वाज सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।








